कुपोषण मुक्ति के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान से बच्चों और धात्री माताओं के स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार हुआ है।
दैनिक यशोन्नति की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस विषय पर विस्तृत समीक्षा की गई है और संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं।